जयप्रकश नारायण जीवन परिचय (सम्पूर्ण क्रांति )

Ranjay Kumar

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Question 1: Write a brief introduction/biography of the author Jayprakash Narayan.

( सम्पूर्ण क्रांति -जयप्रकश नारायण )

जयप्रकाश नारायण, एक सामाजिक विचारक और राष्ट्रनायक, जिन्होंने अपने जीवन को सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में समर्पित किया। उनका जन्म 11 अक्टूबर 1902 को बिहार के सिताबदियारा गाँव में हुआ था। बचपन में उनका नाम बदलता रहा, लेकिन बड़े होने पर उन्हें “जेपी” के नाम से जाना जाने लगा। उन्हें लोकनायक के रूप में सम्मानित किया गया और इन्होंने समाज में न्याय और समर्पण की बातें सिखाई।

जयप्रकाश ने अपनी आरंभिक शिक्षा घर पर ही प्राप्त की और फिर पटना कॉलेज में प्रवेश किया। उन्होंने असहायता आंदोलन के दौरान अपनी शिक्षा अधूरी छोड़ी, जिससे उन्होंने समाज के अधिकारों और न्याय की ओर अपना कदम बढ़ाया। उन्होंने 1922 में अमेरिका का सफर किया और वहां कई विश्वविद्यालयों में अध्ययन किया, जहां उन्होंने माक्सवाद और समृद्धिवाद की शिक्षा प्राप्त की।

जयप्रकाश नारायण का समर्पण राष्ट्रनायक और समाजसेवी रूप में उच्च मान्यता प्राप्त करने के बाद भी बना रहा, और उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से लोगों को समृद्धि और न्याय की ओर प्रेरित किया।

Jayprakash Narayan / जयप्रकश नारायण

मां की अस्वस्थता के कारण पी.एच.डी. की पढ़ाई में रुकावट आई और उन्हें दस लोगों के सहयोग की आवश्यकता हुई। 1929 में, वह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए, जहां उन्होंने अपनी राष्ट्रीय भूमिका बनाई। 1932 में, सत्याग्रह आंदोलन के दौरान उन्हें जेल में जाना पड़ा, जिससे उनकी संघर्षशील राजनीतिक पहचान मजबूत हुई। उन्होंने जेल से बाहर आकर कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

1954 में, उन्होंने विनोबा भावे के सर्वोदय आंदोलन में शामिल होकर अपने सामाजिक संबंधों को मजबूत किया। 1974 में, उन्होंने छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया, जो आपातकाल के समय में देशभर में हुआ और जनतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ उठा। उन्हें छात्रों और युवाओं के बीच आक्रोश के लिए एक प्रेरणा स्रोत माना गया और उनका योगदान देशवासियों के बीच में समर्थन प्राप्त किया।

1977 में, जब देश में आपातकाल लागू हुआ, वह बिहार, गुजरात, और अन्य स्थानों में छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन का सामना करने के लिए उत्तरदाता बने। उनकी नेतृत्व में, युवा पीढ़ी ने जनतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठाई। जयप्रकाश ने विभिन्न क्षेत्रों में अपने नेतृत्व के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाई और सामाजिक न्याय की दिशा में कार्रवाई की।

उनकी शौर्यगाथाएं आज भी हमें एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती हैं, जो समाज में सुधार और समृद्धि की दिशा में कार्यरत हैं।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

महत्वपूर्ण (Objective)

1 . जयप्रकश नारायण पठित पाठ – सम्पूर्णक्रांति

2 . उन्होंने किस स्कूल में दाखिला लिया –पटना कॉलेज

3 . जयप्रकश नरायण को किसका दलाल कहा गया –अमीरिका

4 . छात्र आंदलोन कब हुआ –1947

5 . जयप्रकश नारायण की पत्त्नी का नाम – प्रभावती

6 . नारायण जी आई ए सी किस कॉलेज से किए –बिहार विद्यापति

7 . नारायण सिंह के अनुसार देश का भविस्य किसके हाथ में है – नई पीढ़ी

8 . जयप्रकश जी मार्क्स वादी कब बने –1924

9 . किसका भाषण सुनकर अमरीका जाने की प्रेणा मिला –स्वामी सत्यदेव

10 .जयप्रकश नारायण भारत रत्त्न कब मिला –1990

frequently asked questions

जयप्रकाश नारायण का जीवन परिचय क्या है?
जयप्रकाश नारायण, एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और समाजसेवी, ने सम्पूर्ण क्रांति के अग्रदूत के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने विभिन्न आंदोलनों और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति और न्याय की राह में अपना योगदान दिया।

सम्पूर्ण क्रांति में जयप्रकाश नारायण का क्या योगदान रहा?
सम्पूर्ण क्रांति में, जयप्रकाश नारायण ने छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया और आपातकाल के दौरान जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाई।

 जयप्रकाश नारायण को किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया?
1976 में, जयप्रकाश नारायण को समाज सेवा के लिए मेगा पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसमें उनके समाज में किए गए उत्कृष्ट कार्यों की प्रशंसा है।

जयप्रकाश नारायण की अहम रचनाएं कौन-कौन सी हैं?
जयप्रकाश नारायण की महत्वपूर्ण रचनाएं में ‘रिकंस्ट्रक्शन ऑफ इडियन पॉलिटी’ डायरी, निबंध, और कविताएं शामिल हैं।

जयप्रकाश नारायण का इतिहासिक भाषण कहाँ हुआ और किस विषय पर था?
उत्तर: 1974 में पटना के गांधी मैदान में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण का अंश था, जो पूरे देश में सम्पूर्ण क्रांति के साथ जाना जाता है। इस भाषण में उन्होंने समाज में बदलाव और न्याय के प्रति अपने समर्पित दृष्टिकोण को साझा किया।

conclusion

सम्पूर्ण क्रांति के महान नेता, जयप्रकाश नारायण, ने अपने जीवन में राष्ट्रभक्ति, समाजसेवा, और न्याय के प्रति अपना अद्वितीय समर्पण दिखाया। उनका विशाल योगदान छात्र आंदोलन से लेकर आपातकाल के समय तक रहा है, जिससे उन्होंने देशवासियों के बीच में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया। उनकी महत्वपूर्ण रचनाएं और उनके ऐतिहासिक भाषण आज भी हमें एक सशक्त और समर्पित नेतृत्व की मिसाल प्रदान करते हैं, जो समाज में सुधार और समृद्धि की दिशा में कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करते हैं। जयप्रकाश नारायण का यह आदर्श आज भी हमें सजीवन से संजीवनी पथ प्रदान करता है।

Leave a Comment